Sunday, February 25, 2018

नैतिकता

नैतिक शिक्षा - नैतिक शिक्षा सिर्फ कहने और सुन ने में ही अच्छा लगता है या फिर हमारे संस्कारो में विद्यमान भी है ।फिर एक प्रश्न भी उठता है की नैतिक शिक्षा क्या है ?नैतिक शिक्षा वह तो नही जो हमने बचपन से अनुशरण किया है या वह जो हमारे माता-पिताने हमे कदम कदम पर  सिखाया है ,या फिर वह जो हमने से बड़ो के धरोहर के रूप में प्रदान हुआ है या फिर वह जो हमने कहीं कहीं  किस्से अथवा कहानियों में पढ़ा है । अंततः हमे ज्ञात नही हो पाता है की नैतिक  शिक्षा है क्या ,,फिर हम बचपन से उठकर थोड़ा सा ही आगे चलते हैं तो पता चलता है कि हमने जो कुछ सीखा है वह हमारे माता पिता ने सिखाया है ।फिर थोड़ा आगे चलते है तो पता चलता है कि हमने जो कुछ सीखा है वह हमें माता पिता तथा किताबों से प्राप्त हुआ है । फिर हम थोड़ा आगे चलते है तो पता चलता है हमने जो कुछ भी  किया है वह आज तक अपने अनुभवों के द्वारा किया है ।पर नैतिक शिक्षा का महत्व ज्ञात नही हो पाता ,,परंतु  सब व्यतीत होने के पश्चात हमे ज्ञात होता है इस बड़े से अनन्त सागर में हमने एक कुशल नाविक की तरह अपने नाव को कुशलता पूर्वक किनारे ले आएं है बिना डगमगाये ,,यही हमारी शिक्षा यही हमारा अनुभव और यही हमारी नैतिक शिक्षा है ।

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